White Hat SEO vs Black Hat SEO – कौन सी SEO Techniques अच्छी है?

    क्या आप जानते है White Hat SEO vs Black Hat SEO – कौन सी SEO Techniques अच्छी है? अगर नहीं जानते है तो कोई बात नहीं क्योकि इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आप जान जायेंगे की White Hat या Black Hat SEO क्या है?। क्योकि कई ब्लॉगर बिना इसके बारे में जानते हुए गलत गलत Techniques का इस्तेमाल करके ट्रैफिक बढ़ा लेता है।

    फिर जब सर्च इंजन को पता चलता है की Black Hat SEO का इस्तेमाल किया गया है तो ट्रैफिक और रैंक दोनों को निचे कर देता है और ब्लॉगर को पता नहीं चलता है की ऐसे क्यों हुआ। अगर आप भी Black Hat SEO का इस्तेमाल करके ट्रैफिक बढ़ा रहे है तो रुक जाइये। पहले इस आर्टिकल को पूरा पढ़िए फिर decide कीजिये आपके लिए कौन सी Techniques अच्छी है।

    तो बिना देरी शुरू करते है White Hat SEO vs Black Hat SEO – कौन सी SEO Techniques अच्छी है?

    White Hat SEO vs Black Hat SEO

    White Hat SEO vs Black Hat SEO क्या है?

    White Hat SEO techniques :- इस तकनीक में वेबसाइट एडमिन सही तरीका का उपयोग करके साइट का रैंकिंग और ट्रैफिक इम्प्रूव करता है। इसमें keyword research/keywords analysis, keyword placement, link building इत्यादि सभी चीजों को सही तरीके से सर्च इंजन के साथ पेश करता है।

    हालाँकि White Hat SEO तकनीक में लम्बे समय के बाद रिजल्ट देखने को मिलता है लेकिन इस तकनीक का उपयोग करने पर साइट को Search Engines से किसी प्रकार का खतरा नहीं रहता है। White Hat SEO तकनीक का रिजल्ट भले देरी से मिलता है लेकिन रिजल्ट लम्बे समय तक दिखता है।

    Black Hat SEO techniques :- इस तकनीक का उपयोग करके साइट की रैंकिंग जल्दी बढ़ाया जा सकता है क्योकि ये तकनीक किसी भी सर्च इंजन की पालिसी को फॉलो नहीं करता है। इसमें मुख्यतः keyword stuffing, hidden text, link farming, spamming इत्यादि सभी चीजों का इस्तेमाल किया जाता है।

    इस तकनीक का इस्तेमाल करके रिजल्ट तो तुरंत देखा जा सकता है लेकिन यह रिजल्ट लम्बे समय तक नहीं रहता है। यदि आप इस तकनीक का इस्तेमाल करते है तो आपकी साइट सर्च इंजन से de-indexed या ban हो सकता है।

    White Hat SEO Techniques in Hindi

    अब तो आप लोग White hat SEO के बारे में थोड़ा बहुत जान चुके है लेकिन इसके बारे में थोड़ा और details से जानते है की इसमें क्या कर सकते है और क्या नहीं कर कर सकते है।

    1. SE (Search Engine) Guideline Follow करें

    वेबसाइट बनाने के बाद और आर्टिकल पब्लिश करने से पहले सर्च इंजन की guideline के बारे जानकरी रखना बहुत जरुरी है। फिर आपको आर्टिकल लिखना और पब्लिश करना चाहिए। यदि आप सर्च इंजन की guideline को फॉलो नहीं करेंगे। तो आपका ब्लॉग पोस्ट या आर्टिकल कभी इंडेक्स नहीं होगा।

    2. Quality Content लिखे

    हमेशा आर्टिकल अच्छे से लिख कर पब्लिश करना चाहिए। मतलब फुल इनफार्मेशन के साथ SEO friendly होना चाहिए। जिससे की रीडर कम से कम 3 या 5 मिनिट आर्टिकल को पढ़ सके और क्वेरी के लिए दूसरे साइट पर नहीं जाना पड़े।

    3. Keywords का उपयोग

    कीवर्ड का इस्तेमाल आर्टिकल में ऐसे करना है कि रीडर को पढ़ने में खराब ना लगे और सर्च इंजन को पता चले कि किस विषय पर यह आर्टिकल लिखा गया है। आपको keyword निम्नलिखित जगह लिखना जरुरी है –

    • Heading (h1, h2, h3, h4, h5, h6) किसी एक हैडिंग में अवश्य लिखे।
    • Title
    • Meta Description
    • Image Alt Tag
    • URL/Links

    4. Quality link Building/Backlink

    इसका मतलब है ऐसे साइट से लिंक लेना चाहिए जिसका Niche आपके Niche से मिलता जुलता हो। जब similar niche के साइट से बैकलिंक मिलता है तो आर्टिकल का महत्व सर्च इंजन में बढ़ जाता है। जैसे की मैं SEO के बारे में लिखता हूँ तो मुझे seo niche वाले साइट से लिंक लेने पर ज्यादा फायदा होगा।

    बैकलिंक बनाते समय आपको सामने वाले साइट का age, spam score इत्यादि चीज जरूर चेक कर लेना है। जिस साइट spam score 1% से ज्यादा होगा तो उससे बैकलिंक लेने पर नुकशान भी उठाना पद सकता है।

    वैसे तो White hat SEO में बहुत कुछ आता है लेकिन इन 4 पर ज्यादा ध्यान देना जरुरी है अब आगे चलिए और जानते है Black Hat SEO के बारे में।

    Black Hat SEO Techniques in Hindi

    Black hat SEO का इस्तेमाल करके साइट जल्दी तो grow कर जाता है लेकिन ज्यादा समय के लिए grow नहीं करता है क्योकि Blackhat SEO करना यानी सर्च इंजन के खिलाफ काम करना। इस seo को स्पैमिंग भी कहा जाता है। तो Black hat SEO या स्पैमिंग के बारे में थोड़ा और डिटेल्स से जानते है।

    1. Keyword Stuffing

    Keyword Stuffing मतलब एक specific keyword को आर्टिकल में बार बार लिखना। ऐसे करने से आर्टिकल रैंक तो हो जाता है लेकिन रीडर को पढ़ने में अच्छा नहीं लगता है जिसके कारन आर्टिकल फिर से de-index होना शुरू हो जाता है। एक आर्टिकल में 1-2% keyword density रखना चाहिए।

    2. Invisible Text/Hidden Texts

    अगर आप text या keyword को hide करते है तो रीडर को नहीं दिखता है लेकिन सर्च इंजन की Spiders आसानी से पढ़ सकता है। ये काम पहले जब सर्च इंजन की spiders ज्यादा स्मार्ट नहीं था तब किया जाता था। लेकिन अभी के समय में सर्च इंजन की Spiders बहुत स्मार्ट हो गया है और आपके द्वारा किये स्मार्टनेस तुरंत पकड़ लेगा।

    3. Content Scraping

    इस तकनीक में ज्यादातर ब्लॉगर किसी दूसरे साइट के RSS feed द्वारा कंटेंट को बड़ी आसानी से अपने साइट पर republish कर देता है। ऐसा करने पर साइट कुछ समय के लिए रैंक तो करता है लेकिन कुछ दिनों के बाद de-index हो जाता है।

    4. गलत Title & Meta Description

    अगर आप टाइटल और मेटा में कुछ और लिखते है और आपका आर्टिकल किसी और विषय पर लिखते है तो ऐसे करने से बचिए क्योकि ये भी Black hat SEO के अंदर आता है। टाइटल और मेटा हमेशा आर्टिकल के रिलेटेड लिखना जरुरी है।

    5. Low Quality Pages & Article

    इसका मतलब है की आर्टिकल या पेज में कुछ ज्यादा इनफार्मेशन तो नहीं है लेकिन कीवर्ड बहुत ज्यादा बार लिखा गया हो। इसको keywords stuffing भी बोल सकते है।


    conclusion – White Hat SEO vs Black Hat SEO

    दोस्तों मुझे उम्मीद है की आपको ये आर्टिकल (White Hat SEO vs Black Hat SEO – कौन सी SEO Techniques अच्छी है?) पसंद आई होगी और seo के बारे में बहुत सिखने-समझने को मिला होगा। फिर भी आपको इस आर्टिकल को लेकर कोई प्रश्न या सुझाव है तो हमें कमेंट करके अवश्य बताइये।

    दोस्तों अगर इस आर्टिकल (White Hat SEO vs Black Hat SEO) से आपको कुछ सिखने को मिला है तो इसे अवश्य अपने मित्र के साथ शेयर कीजिये। हमें आप सभी लोगो की सहयोग की आवश्यकता है। धन्यवाद!!

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