पब्लिक फाइनेंस क्या है? | What is Public Finance in Hindi

नमस्कार दोस्तों, आज के इस पोस्ट में हम लोग बात करेंगे Public Finance क्या है? के बारे में, आप में से अधिकांश लोगों ने पब्लिक फाइनेंस के बारे में जरूर सुना होगा, लेकिन क्या आप ने कभी सोचा है की पब्लिक फाइनेंस क्या है? पब्लिक फाइनेंस के बारे में अलग-अलग अवधारणाऐं है:-

According to Dalton Public Finance Definition :- Public Finance is concerned with the income and expenditure of the public authorities and with the adjustment of one to the other.

”प्रोफेसर डेल्टन के अनुसार पब्लिक फाइनेंस की परिभाषा राजस्व, राज्य की आय और व्यय तथा इनके एक-दूसरे के साथ समायोजन से सम्बन्धित है”

According to Philip Taylor Public Finance Definition :- Public Finance is a study of Taxation, Public Expenditure, Public Debt Management etc.

”प्रोफेसर फिलिप टेलर के अनुसार पब्लिक फाइनेंस की परिभाषा में राजस्व, कर, सार्वजानिक खर्च, सार्वजानिक  ऋण, इत्यादि के सम्बंधित अध्यन करता है”

प्रोफेसर  फिन्डले शिराज़ के अनुसार पब्लिक फाइनेंस का परिभाषा  “सार्वजनिक वित्त सरकारी अधिकारियों द्वारा एकत्रित की जाने वाली आय तथा उसके व्यय” में निहित सिद्धान्तों का अध्ययन है।

तो दोस्तों आइयें शुरू करते है, पब्लिक फाइनेंस क्या है? और सभी महत्वपूर्ण विषयों कर चर्चा करते है:-

पब्लिक फाइनेंस क्या है? ( What is Public Finance in Hindi)

Public Finance

पब्लिक फाइनेंस अर्थव्यवस्था (Economics) का एक अहम हिस्सा है। किसी भी सरकार या राज्य के अर्थव्यवस्था की सभी और सटीक जानकर और अध्यन करने के लिए सार्वजनिक वित्त का अहम भूमिका होती है। पब्लिक फाइनेंस अर्थशास्त्र की शाखा है, जो सरकारी राजस्व और सरकारी प्राधिकारियों के सरकारी खर्च (Expenditure) का मूल्यांकन करता है।

सरल और आसान शब्दों में समझे, तो सार्वजनिक वित्त किसी भी सरकार या राज्य के आय (Income) और व्यय (Expenditure) के का विस्तृत अध्ययन करता है। आधुनिक लोकतांत्रिक समाजो में लोकवित्त अर्थात आय और व्यय से जुड़े प्रावधान लोगों के जीवन स्तर और देश की विकास प्रक्रिया पर सीधा प्रभाव डालता है।

इंडस्ट्री, कंपनी, बैंक, बीमा कंपनी (Insurance Company) और अन्य सरकार से उधार लेकर अपनी सम्बंधित कपमनय से लाभ अर्जित करके सरकार के फाइनेंसियल सेक्टर को मजबूत करने में मदद करता है। इसके लिए स्थानीय और केंद्रीय सरकार अनुदान और सहायता (Tax) प्राप्त करते है।

इसके आलावा सार्वजानिक वित्त स्रोत (Source) की बात किया जाए, तो बंदरगाहों, हवाई अड्डे सेवाओं और अन्य सुविधाओं से उपयोगकर्ता शुल्क, कानून तोड़ने से उत्पन्न जुर्माना, लाइसेंस और फीस से राजस्व, ड्राइविंग के लिए, और सरकारी प्रतिभूतियों (Stamp Paper) और बंधन के मुद्दों की बिक्री भी सार्वजनिक वित्त का मुख्य स्रोत है।

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पब्लिक फाइनेंस का महत्व (Importance of Public Finance)

किसी भी देश और राज्य को समृद्ध और सामर्थ बनाने में सार्वजानिक वित्त का अहम भूमिका रहता है, चाहे वो भूतकाल (Past Time) या वर्तमान समय में अर्थव्यवस्था में पब्लिक फाइनेंस की भूमिका अत्यन्त महत्वपूर्ण हो गयी है। वर्तमान समय को देखते हुए भविष्य की बात की जाए तो सार्वजानिक वित्त में काफी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

सामान्य भाषा में समझे तो जैसे-जैसे सरकार की कार्य क्षेत्र बढ़ता जा रहा है, वैसे-वैसे सार्वजानिक वित्त (राजस्व) का भी महत्व बढ़ता जा रहा है। आर्थिक नियोजन, समाजवादी समाज की स्थापना और लोक कल्याणकारी राज्य की स्थापना का महत्व स्वीकार करने के कारण सरकार के कार्यक्षेत्र में वृद्धि होने लगी। इन सबके कारण लोकवित्त के महत्व में तेजी के साथ वृद्धि हुई है।

आर्थिक रूप से सार्वजानिक वित्त का महत्व :-

  • आर्थिक नियोजन
  • आर्थिक स्थायित्व
  • आर्थिक विषमताओं में अंतर कम करना
  • पूंजी निमाण में सहायक
  • सरकारी उद्योगों के संचालन में सुविधा
  • राष्ट्रीय संसाधनों का आंकलन में प्रयोग
  • रोजगार में वृद्धि

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सामाजिक क्षेत्र में सार्वजानिक वित्त का महत्त्व :-

वर्त्तमान समय में सार्वजानिक वित्त को सामाजिक न्याय का स्तम्भ मन जाता है, आर्थिक असमानतायें, अज्ञानता, नित, पिछड़ापन व बेरोजगारी समाज में भयंकर असन्तोष जैसे अनेक सामाजिक समस्याओं को सार्वजानिक वित्त के द्वारा हल किया जा सकता है। सरकार सार्वजानिक वित् की मदद से आर्थिक असमानतायें, अज्ञानता, नित, पिछड़ापन व बेरोजगारी जैसी समस्या को दूर कर सकता है।

  • शिक्षा में सुधार
  • स्वास्थ और हॉस्पिटल की व्यवस्था
  • सड़क की स्थिति में सुधार
  • बिजली और पानी का प्रबंध
  • अन्य

पब्लिक फाइनेंस कितने प्रकार का होता है? (How Many Types Of Public Finance)

यदि पब्लिक फाइनेंस की प्रकार की बात किया जाए, तो यह मुख्य रूप से छार प्रकार के होते है:-

1. Public Revenue (सार्वजनिक राजस्व) :- पब्लिक रेवेन्यू का सामान्य अर्थ होता है, सरकार या राज्यों का आमदनी का स्रोत (Source of Income For Government). सरकार पब्लिक रेवेन्यू की मदद से कर (Tax) के रूप में जो धन एकत्रित करता है, उसे ही सामान्य भाषा में सार्वजानिक राजस्व (Public Revenue) कहा जाता है। इसमें सभी प्रकार के कर (Tax) शामिल है।

  • Direct Tax (प्रत्यक्ष कर) :- आपके धन और किसी महँगी वस्तु के खरीद-बिक्री पर लगाई जाती है।
  • Indirect Tax (अप्रत्यक्ष कर) :- आपके द्वारा सभी छोटी-मोटी वस्तु के खरीद-बिक्री पर लगाई जाती है।
  • Individual Funds :- कोई भी  व्यक्ति चंदा और डोनेट करता है उसे व्यक्तिगत फंड्स कहते है।

2. Public Expenditure (सार्वजनिक व्यय) :- जैसा की इसके नाम से प्रतीत हो रहा है की सार्वजनिक व्यय खर्च से सम्बंधित है। सार्वजनिक व्यय (Public Expenditure) सरकार पहले से ही योजना तैयार कर लेता है। सार्वजानिक व्यय का अधिकांश हिस्सा लोक कल्याण (Social Welfare) के लिए किया जाता है।

सरकार के योजना और निति के अनुसार सार्वजनिक व्यय (Public Expenditure) शिक्षा, बिजली, पानी, सड़क, हॉस्पिटल, आर्थिक विकास, मुद्रा स्फीति, बेरोजगारी जैसे अनेक समस्याओं पर नियंत्रण और सुधार करने में लगाया जाता है।

3. Public Debt (सार्वजनिक ऋण) :- सार्वजानिक क्षेत्रों में खर्च करने के लिए, लिए गए ऋण को सार्वजनिक ऋण (Public Debt) कहा जाता है। जैसा की आप सभी जानते होंगे की राज्यों को समृद्ध बनाने के लिए सरकार को कमाई से ज्यादा खर्च करना पड़ता है। इस खर्च की पूर्ति के लिए सरकार ऋण का सहारा लेती है।

4. Financial Administration (वित्तीय प्रशासन) :- सरकार के द्वारा आय, व्यय, रेवेन्यू, ऋणों की व्यवस्था और सुचरे ढंग से चलने के लिए सरकार को प्रशासन तन्त्र की आवश्यकता होती है, जिसे वित्तीय प्रशासन कहा जाता है। वित्तीय प्रशासन सरकार के सभी प्रकार के लेन-देन, आय-व्यय, इत्यादि को व्यवस्थित एवं नियन्त्रित करता है।

वित्तीय प्रशासन का कार्य :-

  • बजट का निर्माण, पारित और क्रियान्वित करना।
  • कर (Tax) एकत्रित करने की व्यवस्था करना।
  • सरकार की व्यय व्यवस्था का संचालन करना ।
  • सार्वजानिक वित्त का अंकेक्षण एवं उस पर नियन्त्रण इत्यादि।

Conclusion

दोस्तों आज के  इस पोस्ट में हमने पब्लिक फाइनेंस क्या है? के बारे में विस्तार से बात किया है, उम्मीद करता हूँ कि इस पोस्ट पब्लिक फाइनेंस क्या है? (Public Finance Kya Hai) की जानकारी आप सभी को पसंद आई होगी।

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