Click jacking क्या है? क्लिक जैकिंग कैसे किया जाता है? और Click Jacking से कैसे बचे?

    What is click jacking in Hindi :- हेलो दोस्तों पिछले पोस्ट में हमलोगो ने जाना था juice jacking क्या होता है? तो आज के इस पोस्ट में हमलोग जानेंगे Click jacking के बारे में। यदि आप क्लिक जैकिंग के बारे में पहले नहीं सुने है तो इस आर्टिकल को अवश्य पढ़िए नहीं तो आप भी कभी क्लिक जैकिंग का शिकार हो सकते है।

    अभी के समय में हर कोई कभी ना कभी पायरेटेड वेबसाइट या क्रेक सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते है। लेकिन हर कोई ये नहीं सोचते है की अगर कोई प्रीमियम सॉफ्टवेयर फ्री में मिल रहा है तो इससे कोई नुकशान भी हो सकता है?

    क्लिक जैकिंग विषय पर जाने से पहले एक छोटा सा उदहारण समझ लेते है। जब आप पायरेटेड मूवीज डौन्लोडिंग वेबसाइट पर किसी लिंक पर क्लिक करोगे तो वो लिंक आपको किसी दूसरे वेब पेज पर redirect कर देता है। मतलब की आपको लिंक पर क्लिक करते ही डायरेक्ट मूवीज डाउनलोड करने के बजाय आपको किसी दूसरे पेज पर लेकर चला जाता है।

    जैसे ही आप दूसरे वेब पेज पर जाते है आपके सामने एक pop-up आता है जिसमे Antivirus इनस्टॉल करने को कहा जाता है जैसे ही कोई यूजर उस Antivirus को इनस्टॉल करता है तो उसके मोबाइल या लैपटॉप में वायरस चला जाता है। क्योकि इस एंटीवायरस में वायरस रहता है जो किसी डिवाइस को नुकशान पहुंचने के लिए काफी होता है।

    तो दोस्तों इस नए ब्लॉग पोस्ट में हम लोग पुरे विस्तार से जानेंगे की क्लिक जैकिंग क्या है?, क्लिक जैकिंग कैसे किया जाता है?, क्लिक जैकिंग से कैसे बचे? और क्लिक जैकिंग कितना नुकशान दायक हो सकता है?

    Click jacking

    क्लिक जैकिंग क्या है? – What is click jacking in Hindi

    क्लिकजैकिंग एक ऐसा Malicious तकनीक है जिसमे साइबर अपराधी किसी यूजर को लिंक पर क्लिक करने के लिए मजबूर करता है। इसका मतलब यह है की साइबर अपराधी यूजर को p*rn link, Shopping, Offer link इत्यादि का पेज बनाकर लिंक शेयर करता है और यूजर लालच में आकर उस लिंक पर क्लिक भी कर देता है।

    लिंक पर क्लिक करते ही अनजाने में मैलवेयर डाउनलोड हो जाता है और एक किसी मोबाइल या कंप्यूटर में मैलवेयर डाउनलोड हो जाता है तो मोबाइल या कंप्यूटर पर मोबाइल ओनर के साथ साथ हैकर भी मोबाइल या कंप्यूटर पर अधिकार हो जाता है। इससे सबसे बड़ा नुकशान यह है की हैकर आपके बैंक अकाउंट रुपया निकल सकता है और आपका personal डाटा लीक कर सकता है।

    Click Jacking categories

    दोस्तों क्लिक जैकिंग के कई लग अलग प्रकार का होता है लेकिन यहां पर कुछ मुख्या क्लिक जैकिंग केटेगरी को शामिल किया गया है।

    • Classic :- यह ज्यादातर web browser के माध्यम से काम करता है।
    • Like jacking :- इसमें फेसबुक जैसे सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया जाता है।
    • Cursor jacking :- यह मुख्यतः कर्सर की उपस्थिति और स्थान में हेरफेर करता है।
    • Mouse Jacking :- इसमें रिमोट आरएफ लिंक के माध्यम से कीबोर्ड या माउस इनपुट इंजेक्ट करता है।

    Click Jacking कितना नुकशान दायक हो सकता है?

    क्लिक जैकिंग कितना नुकशान दायक है इसका अनुभव आप इस बात से लगा सकते है की जब हैकर के कण्ट्रोल में आपका मोबाइल या कंप्यूटर चला जायेगा तो हैकर आपके साथ कुछ भी कर सकता है। जैसे की –

    1. आप किसी वेबसाइट पर जाते है और उस वेबसाइट से अपने आप कुछ डाउनलोड हो जाना।
    2. किसी वायरस अफेक्टेड वेबसाइट से कुछ मैलवेयर डाउनलोड हो जाना।
    3. आपके मोबाइल या कंप्यूटर से अपने कुछ डाटा का डिलीट हो जाना।
    4. आपके कांटेक्ट लिस्ट में किसी को अपने आप मैसेज चला जाना।
    5. आपके बैंक अकाउंट में रखे रुपया गायब हो जाना।

    मतलब की यदि आपके मोबाइल या कंप्यूटर में एक बार वायरस आ गया और हैकर का कण्ट्रोल हो गया तो हैकर आपके मोबाइल य कंप्यूटर के साथ कुछ भी कर सकता है बिना आपसे परमिशन लिए तो दोस्तों किसी भी अनजाने लिंक पर क्लिक करने से आपको बचना चाहिए।

    Click Jacking कैसे किया जाता है?

    क्लिक जैकिंग को अंजाम देने के लिए हैकर एक ऐसा वेब पेज बनता है जिसमे मैलवेयर के अलावा कुछ नहीं रखता है और किसी भी यूजर को डायरेक्ट मैलवेयर पेज पर नहीं ले जाता है इसके लिए आपको पहले कुछ ऐसा वेब पेज दिखायेगा। जिससे यूजर प्रभाभित होकर क्लिक करते चला जाता है और यूजर को पता भी नहीं चलता है और उसके डिवाइस में मैलवेयर फाइल डाउनलोड हो जाता है।

    क्लिक जैकिंग का यूजर को शिकार बनाने के हैकर अक्सर मूवीज डाउनलोड वेबसाइट या p*rn लिंक, शोपिंग ऑफर्स, और कैशबैक जैसे वेब पेज बनता है क्योकि ऐसे लिंक पर इंसांन आसानी से क्लिक भी कर देता है।

    यदि क्लिक जैकिंग का आपको लाइव उदाहरण देखना है तो आप किसी पायरेटेड मूवीज downloading वेबसाइट पर जाकर देख सकते है। जहाँ आपको मूवीज डाउनलोड करने से पहले 10 या लिंक पर क्लिक करना पड़ेगा और ना जाने कितने सारे ads देखना होगा।

    जैसे ही आप किसी लिंक पर क्लिक कीजियेगा आपको वो लिंक सही वेब पेज ना ले जाकर किसी दूसरे वेब पेज पर ले जायेगा और आपको एंटीवायरस डाउनलोड करने को कहा जायेगा। जैसे कोई यूजर डाउनलोड एंटीवायरस बटन पर क्लिक करता है एंटीवायरस के साथ साथ वायरस भी डाउनलोड होने लगता है।

    Click Jacking से कैसे बचे?

    अगर आपको क्लिक जैकिंग का शिकार नहीं होना है तो आपको क्लिक जैकिंग का थोड़ा बहुत भी ज्ञान रहना जरुरी है जो की आपको ज्ञान ऊपर मिल गया है। तो अब बात आती है क्लिक जैकिंग से बचे कैसे तो आपके साथ कुछ निचे शेयर कर रहा हूँ ये आप इस चीज का फॉलो करते है तो आप कभी भी क्लिक जैकिंग का शिकार नहीं होंगे।

    • सबसे पहले तो आपको कोई अनजान व्यक्ति यदि कैशबैक लिंक या शॉपिंग लिंक सेंड करता है तो उस पर क्लिक मत कीजिये।
    • अगर आप मूवीज डाउनलोड करने के लिए पायरेटेड वेबसाइट पर जाते है तो Ad blocker का इस्तेमाल कीजिये। यदि आप ad blocker का इस्तेमाल नहीं करते है तो आपको क्लिक जैकिंग का शिकार होने से कोई नहीं बचा सकता है।
    • आपको कभी भी ऐसे वेबसाइट का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए जहाँ ad ब्लॉकर नहीं काम करता हो। नहीं तो हैकर आपके मोबाइल या कंप्यूटर को ऑफ कर देगा।

    Conclusion

    तो दोस्तों उम्मीद करता हूँ की आपको हमारी यह आर्टिकल क्लिक जैकिंग के बारे में पढ़ कर बहुत कुछ सिखने को मिला होगा। यदि आपको इस आर्टिकल के Related कोई प्रॉब्लम या सुझाव है तो हमें कमेंट करके अवश्य बताइये।

    दोस्तों अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आया है और आप अपने दोस्तों या परिवार के सदस्य को क्लिक जैकिंग के शिकार होने से बचाना चाहते है तो इस आर्टिकल को जोरू शेयर कीजिये।

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