Sandip Chakrabarti Biography in Hindi

Sandip Chakrabarti Biography in Hindi :- दोस्तों आज हम ब्लॉग पोस्ट में एक  खगोल भौतिकी विज्ञान की एक महान सख्सियत की जीवन की सम्पूर्ण परिचय करवाएँगे। जिसमे उनके जीवन परिचय, शिक्षा, कैरियर, रिसर्च और उनके उपाधि के बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त करेंगे। दोस्तों उस महान सख्सियत का नाम है संदीप चकर्वर्ती । इस लेख में उनके जीवन को नज़दीक से जानने का प्रयाश करते हैं।

नामसंदीप चक्रवर्ती
जन्म स्थानमालदा ( पश्चिम बंगाल ) भारत
जन्म दिन15 नवंबर 1958
पत्नी की नामडॉ. सोनाली चक्रवर्ती
पिता का नम्मभूषन चकर्वर्ती

Sandip Chakrabarti Biography in Hindi

संदीप चर्कवर्ती भारत के महान खगोल शास्त्री है। इन्होंने कंप्यूटर मॉडल को विक्सित किया और इनके के द्वारा ही पता लगाया गया कि कैसे पृथ्वी पर जीवन कि उत्पत्ति बाहरी अंतरिक्ष में हो सकजता है। इनका जन्म पश्चिम बंगाल ( भारत ) के मालदा में हुआ, संदीप चक्रवर्ती श्री भूषण चक्रवर्ती और रेणुका चक्रवर्ती के चौथे संतान है। इनके माता जी रेणुका चक्रवर्ती अघोरनाथ चट्टोपाध्याय के बहन कि बेटी है। अघोरनाथ चट्टोपाध्याय श्रीमती सरोजनी नायडू के पिता है। जो एक Freedom Fighter थी।

संदीप चक्रवर्ती के स्कूल के शुरुवाती दिनों से खगोल विज्ञान से लगाव सा था। वो जब 16 साल उम्र में Daniken’s fictions  से प्रभावित थे। उन्होंने Caltech में Pro. Martin  Schmidt को लिखा, हब्बल कि निरंतरता का सटीक मूल्य और सूर्य के द्वारा ऊर्जा की हानि की दर जब कंप्यूटर इस क्षेत्र से बाहर होने जा रहा था। तब मंगल पर रहने योग्य क्षेत्र में अपनी पुनर्णवर्ती और कंप्यूटर का उपयोग करता था।

संदीप चक्रवर्ती 1979 में भौतिकी विज्ञान से अपना स्नातक परीक्षा पास किये, आवासीय रामकृष्ण मिशन महाविधालय नरेन्द्रपुर ( वो 1979 में कलकत्ता विश्व विद्यालय में टॉप किये थे) उसके बाद संदीप चक्रवर्ती IIT Kanpur से भौतिकी में मास्टर डिग्री प्राप्त किया (1981)। संदीप चक्रवर्ती 1981 में M.sc पास करने के बाद वो University Of Chicago में PhD करने के लिए  Physicis Department में अपना दाखिला करवाया।

उन्होंने ने एक साल के भीतर अपना पेपर पूरा किया साथ ही Robert Geroch और X.B. Liang के एक प्रमेय ” सामान्य सापेक्षता में सिमित त्वरण के घटता” जैसे प्रमेय को हल किया। इसके बाद Prof. S. Chandrasekhar ने Dirac Equation in Kerr black hole geometry को हल करने के लिए कहा।

संदीप चक्रवर्ती ने 1984 में इस प्रमेय को पूरा किया और इसी वर्ष 1984 में ही इस प्रमेय को प्रकाशित कर दिया। इसके बाद उन्होंने ब्लैक होल खगौल भौतिकी पर अपना ध्यान केंद्रित किया और इसके लिए अग्रसर हुए, वर्ष 1985 में संदीप चक्रवर्ती पीएचडी पूरा किया और R.C Tolman Fellow के लिए वे Caltech चले गए।

इस अवधि में उनका प्रमुख कार्य Nucleosynthesis शामिल है। Pro. W.D Arnett के साथ मिलकर उन्होंने Black Whole के आसपास ICTP पर संक्षिप्त अवधि में पूरा किया। वह Black Whole के आसपास Transonic या Advective प्रवाह में आघात के गठन में निश्चित काम करता है।

1988 नवंबर में मुंबई के Tata Institute of Fundamental Research  में में अपना काम शुरू किया, इसके बाद इन्होने 1996 से लेकर 2008 तक S.N. Bose National Centre में काम किया, जहाँ वे एक वरिष्ठ सहयोगी प्रोफेसर थे। (1994-95 में NASA Goddard Space Flight Centre में शामिल थे।

इसी वर्ष राष्ट्रीय अनुसंधान परिषद् द्वारा चयनित एक वरिष्ठ सहयोगी के रूप में किया गया। वह इस में कार्य के कार्यकारणी सदस्य भी रह चुके है।अंतराष्ट्रीय खगोलीय संघ (IAU 1994-2000) के आयोग के सदस्य के रूप में आकाशगंगा 28 में काम किये है। वे अपने जीवन भर IAU और American Astronomical Society में कार्यकारणी स्थाई सदस्य है।

हाल में ही Gour Banga University (2015) के द्वारा उन्हें Dsc (Honoris Causa) से सम्मानित किया गया, प्रो. चक्रवर्ती का मुख्या उद्देश्य था कि ब्लैक होल और अन्य कॉम्पैक्ट पिंडों के इर्द-गिर्द एस्ट्रोफिजिकल के हाइड्रोडायनामिक और विकिरण संबंधी गुण हैं और उस में दिखाया गया है कि एक्ट्रेक्टिंग पदार्थ ट्रांसोनिक होना चाहिए।

प्रो. चक्रवर्ती (Sandip Chakrabarti Biography in Hindi) और उनके सहयोगी ने प्रवाह के कई पहलूओं का अध्यन किया और यह कर के दिखाया कि Black Whole का अभिवृद्धि होना कितना आवश्यक है, इसके बाद उन्होंने गैर-केप्लरियन घटक के अवलोकन गुणों को तय करने में एक प्रमुख भूमिका निभाया है। इनका पहला लेख “Theory of Transonic Astrophysical Flows” था।

उनका यह लेख विश्व वैज्ञानिक के द्वारा 1990 में सिंगापूर में प्रकाशित किया । इन्होने 500 से अधिक शोधों और लेखों को पूरा किया और कई पुस्तक और सम्मलेन संस्करणों को लिखा या सम्पादित किया। लगभग 31 छात्रों ने इनके देख रेख में PhD और थीसिस किओ पूरा किया और कई वर्त्तमान में कार्य कर रहे है।

प्रो. चक्रवर्ती के अनुशार Black Whole में खगौल भौतिकी मूल रूप से उप-केप्लरियन प्रवाह और CENBOL केन्द्रापसारक दबाव ही खगोल है, Black Whole के चारो एक बौंड्री परत बानी हुए है। प्रो. चक्रवर्ती और Titarchuk ( जो 1995 में Astrophysical Journal थे) इन दोनों का मानना है कि दो घटक प्रवाह कि अवधारणा को सामने लाता है। वो वास्तव में अधिक से अधिक अवलोकन का परिणाम है।

जो सभी Black Whole के सभी वर्णक्रमीय और समय गुणों  को शामिल करता है और आम तौर पर Black Whole के दृष्टिकोण को समर्थन करता है। इसके चारों ओर कि विघटनकारी क्षेत्र भी है जो गैर-केप्लरियन है।

प्रो. चक्रवर्ती पहले वैज्ञानिक थे, जिन्होंनेसुझाव दिया कि Gama-ray Bursts Black Whole से जो आवाज़ निकलता है वो उसी समय जन्म लेता है। यह बात उन्होंने 1995 में Hunsville के तीसरे सम्मलेन में बताये थे, हाल में ही वैज्ञानिकों ने अलबामा सम्मलेन में Gama-ray Bursts कि आवाज़ से ही इसके जन्म लेने कि निर्णायक सबूत देखा है।

प्रो. चक्रवर्ती की पत्नी डॉ. सोनाली चक्रवर्ती कुछ पेपर स्टार की गठन के दौरान जटिल अणुओं के विकास पर लिखे गए थे। पीएचडी के एक जोड़े ने एक साथ विद्यानो को यह दिखने में सक्षम हुआ कि सरल एमिनो एसिड और डीएनए के आधार पर अडेनिन जैस अनु भी बन सकते है। जटिल अणुओं कि गठन कि परिणाम हमारे ज्ञान पर निर्भर करता है।

इस प्रतिक्रिया के द्वारा क्रॉस- सेक्शन और पाथवे को इस प्रकार इसकी सटीक बहुतायत को संशोधित किया जा सकता है। प्रो. चक्रवर्ती के रुचि ने नए अंतरिक्ष विज्ञानं से सबंधित संस्थान इंडियन सेंटर में नीव रखी और एक नया मोड़ लिया। अंतरिक्ष भौतिकी (ICSP) जिसके संस्थापक और महासचिव और शैक्षणिक गतिविधि के प्रमुख प्रो. चक्रवर्ती है।

प्रो. चक्रवर्ती कई शीर्षों में अनुसंधान कार्यों में शामिल है, वे बहुत ही काम आवृति (WLF) लेकर आयनमंडल, ग्रहीय वलय गतिकी, खगौल विज्ञान, एक्स-रे डेटा विश्लेषण, पेलोड की परिक्षण, मूल्यांकन की अध्ययन और एक्स-रे खगौल विज्ञान के लिए डेडिकेटर का विकास किया।

  • Research Assistant from Oct. 1981 to Sept. 1985 at the University of Chicago
  • R. C. Tolman Fellow (1985-1987) at the California Institute of Technology.
  • Postdoctoral Fellow (1987-1988), ICTP, Trieste.
  • Visiting Fellow (Nov. 1988 – July 1989) Tata Institute Of Fundamental Research, Bombay.
  • Fellow (Aug. 1989 – July 1994) TIFR, Bombay.
  • Reader (Aug. 1994 – Feb. 1998), TIFR, Bombay
  • Assoc. Professor (Dec. 1996 – Dec. 2003) S.N. Bose National Center for Basic Sciences
  • Acting Administrative Officer, S.N. Bose National Center for Basic Sciences (Apr.1998 – Oct, 1998)
  • In Charge, Academic Affairs and General Secretary: Indian Centre for Space Physics (1999–Present)
  • Professor, S.N. Bose National Centre for Basic Sciences, (2004 -2007)
  • Senior Professor, S.N. Bose National Centre for Basic Sciences (2008- )
  • Dean (Academic Prog.), S.N. Bose National Centre for Basic Sciences (2010 – 2013 )
  • Adjunct Faculty: International Centre for Relativistic Astrophysics (ICRA) Network, Italy (2010 – )
  • Banga Ratna (Jewel of Bengal) award by the State Government of West Bengal
  • DSc (Honoris Causa) by Gour Banga University (2015)

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