Intezaar Shayari in Hindi | Shayari on Waiting Hindi

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Intezaar Shayari in Hindi

एक लम्हे के लिए मेरी नजरों के सामने आजा,
एक मुद्दत से मैंने खुद को आईने में नहीं देखा।

कुछ बातें करके वो हमें रुला के चले गए,
हम न भूलेंगे यह एहसास दिला के चले गए,
आयेंगे कब वो अब तो यह देखना है उम्र भर,
बुझ रही है आग जिसे वो जला कर चले गए।

वो तारों की तरह रात भर चमकते रहे,
हम चाँद से तन्हा सफ़र करते रहे,
वो तो बीते वक़्त थे उन्हें आना न था,
हम यूँ ही सारी रात करवट बदलते रहे।

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किन लफ्जों में लिखूँ मैं अपने इन्तजार को तुम्हें,
बेजुबां है इश्क़ मेरा ढूँढता है खामोशी से तुझे।

किन लफ्जों में लिखूँ मैं अपने इंतज़ार को तुम्हें,
बेजुबां है इश्क़ मेरा ढूंढ़ता है खामोशी से तुझे।

ये कैसी मोहब्बत है की मै किस खुमार में हूँ,
वो आके जा चुकी है मै अब भी इंतजार मे हूँ।

हमने ये शाम चिरागों से सजा रखी है,
आपके इंतजार में पलके बिछा रखी हैं,
हवा टकरा रही है शमा से बार-बार,
और हमने शर्त इन हवाओं से लगा रखी है।

इस दिल चाहता है उसे बेशुमार प्यार करना,
उसके साथ कुछ प्यार के बाते करना,
नसीब में लिखा है सिर्फ उसकी इंतजार करना।

उल्फ़त के मारों से ना पूछो आलम इंतज़ार का,
पतझड़ सी है ज़िन्दगी और ख्याल है बहार का।

आते जाते यूँ ही हो जाए मुलाकात आपसे,
तलाश आपको ये नजर बार बार करती है।

शाम है बुझी बुझी वक्त है खफा खफा,
कुछ हंसीं यादें हैं कुछ भरी सी आँखें हैं,
कह रही है मेरी ये तरसती नजर,
अब तो आ जाइये अब न तड़पाइये।

2 Line Intezaar Shayari

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Intezaar Shayari

तुम्हारी यादों पर इख़्तियार हो नही सकता,
लौट आओ के अब इंतज़ार हो नही सकता।

मेरी तन्हाई तुम्हे आवाज दे रही है,
दिल की धड़कन तुम्हे आवाज़ दे रही है,
आ भी जा की बहुत इंतज़ार किया मैंने,
ये शोक फ़िज़ा तुम्हे आवाज़ दे रही है।

दिल में इंतज़ार की लकीर छोड़ जायेंगे,
आँखों में यादों की नमी छोड़ जायेंगे,
ढूंढ़ते फिरोगे हमें एक दिन,
जिंदगी में एक यार की कमी छोड़ जायेंगे।

एक तरफ है खामोशी, एक तरफ इंतज़ार है,
फिर भी ये मोहब्बत अपने आप में ही कमाल है।

हाथ कि लकीरों पर ऐतबार कर लेना,
भरोसा हो तो किसी से प्यार कर लेना,
खोना पाना तो नसीबों का खेल है,
ख़ुशी मिलेगी बस थोड़ा इंतज़ार कर लेना।

पलकों पर रूका है समन्दर खुमार का,
कितना अजब नशा है तेरे इंतजार का।

ख़्वाबों में जीने की जब आदत पड़ जाती है,
हक़ीक़त की दुनिया तब बे-रंग नज़र आती है,
कोई इंतज़ार करता है मोहब्बत का,
तो किसी की मोहब्बत इंतज़ार बन जाती है।

वो तारों की तरह रात भर चमकते रहे,
हम चाँद से तन्हा सफ़र करते रहे,
वो तो बीते वक़्त थे उन्हें आना न था,
हम यूँ ही सारी रात करवट बदलते रहे।

वो पास आते तो हम बात कर लेते,
वो साथ रहते तो हम बात कर लेते,
क्या मजबूरिया थी जो चले गए दूर,
वजह तो बताते हम इंतज़ार कर लेते।

अब तो मुझे इंतज़ार की आदत सी हो गयी,
यू ही ख़याल-ए-यार की आदत सी हो गयी,
किसी और को सोचु भी तो दिल नही मानता,
मुझको तेरे प्यार की आदत सी हो गयी।

मौत पर भी है यकीन उन पर भी ऐतबार हैं,
देखते हैं पहले कौन आता हैं दोना का इन्तजार हैं।

तुम्हारे इंतज़ार की आदत सी हो गई है,
तुम्हारी यादों से अदावत सी हो गई है,
तुम मिल भी गई तो सुकून नहीं मिलेगा,
तुम्हारे ना होने की आदत सी हो गई है।

Shayari on Intezaar Hindi | Intezaar Shayari

Shayari on Intezaar Hindi

आँखों को इंतज़ार की भट्टी पे रख दिया,
मैंने दिये को आँधी की मर्ज़ी पे रख दिया।

तेरा इंतज़ार मुझे हर पल रहता है,
हर पल मुझे तेरा एहसास रहता है,
तुझ बिन धड़कन रुक सी जाती है,
क्यूंकि तू मेरे दिल में धड़कन बन कर रहता है।

कोई आपको अपने से भी ज़्यादा तब अपना लगने लगता है,
जब उस से मिल कर भी आपका इंतज़ार खत्म नहीं होता।

आप करीब ही न आये इज़हार क्या करते,
हम खुद बने निशाना तो शिकार क्या करते,
साँसे साथ छोड़ गयीं पर खुली रखी आँखें,
इस से ज्यादा किसी का इंतज़ार क्या करते।

एक लम्हे के लिए मेरी नजरों के सामने आजा,
एक मुद्दत से मैंने खुद को आईने में नहीं देखा।

आँखें रहेंगीं शाम-ओ-शहर मुन्तज़िर तेरी,
आँखों को सौंप देंगे तेरा इंतज़ार हम।

कोई शाम आती है आपकी याद लेकर,
कोई शाम जाती है आपकी याद लेकर,
हमें तो इंतज़ार है उस शाम का,
जो आये कभी आपको अपने साथ लेकर।

आपके दिए हुए फूल पर बाहर वही है,
दूर रहते है आपसे पर प्यार वही है,
हम मिल ना सकते है आज कल,
पर तेरे मोहब्बत के इंतजार वही है।

एक मुलाक़ात की आस में मैं ज़िंदगी गुज़ार लूंगा,
तुम हां तो कहो तुम्हारे लिए उम्र भर इंतज़ार करूंगा।

कासिद पयामे-शौक को देना बहुत न तूल,
कहना फ़क़त ये उनसे कि आँखें तरस गयीं।

आपकी जुदाई भी हमें प्यार करती है,
आपकी यादें भी हमे बेकरार करती है,
आते जाते यूँ ही हो जाए मुलाकात आपसे,
तलाश आपको ये नजर बार बार करती है।

Sad Intezaar Shayari Hindi

टूट रही है सांसे मगर इंतज़ार अभी बाकी है,
आने से पहले जाएंगे नही ये आस अभी बाकी है,
देखते है कब आते है वो आखरी वक्त में,
मुझे कहनी है उनसे जो दिल की बात अभी बाकी है।

उनकी ख्वाहिश में ही फासलों की हिमायत थी,
दिल को हम समझाते रहे के वो करीब रहते है।

राह चलते तू औरों का दामन थाम ले,
मगर मेरे प्यार को भी तू थोड़ा पहचान ले,
कितना इंतज़ार किया है तेरे इश्क़ में मैंने,
जरा इस दिल की बेताबी को भी तू जान ले।

यूँ पलके बिछाकर तेरा इंतजार करते है ये वो,
गुनाह है जो हम बार बार करते है जलाकर,
हसरत की राह पर चिराग आरज़ू के हम,
सुबह और शाम तेरे मिलने का इंतजार करते है।

Sad Intezaar Shayari in Hindi

Sad Intezaar Shayari

एक लम्हे के लिए मेरी नजरों के सामने आजा,
एक मुद्दत से मैंने खुद को आईने में नहीं देखा।

तेरे बिना कैसे मेरी गुजरेंगी ये रातें,
तन्हाई का गम कैसे सहेंगी ये रातें,
बहुत लम्बी है ये घड़ियाँ इंतज़ार की,
करबट बदल-बदल कर काटेंगी ये रातें।

वफ़ा में अब ये हुनर इख़्तियार करना है,
वो सच कहे ना कहे बस ऐतबार करना है,
ये जागते रहने का शौक तुम्हे कबसे हुआ,
तेरा अब तेरा मुझे बस इंतज़ार करना है।

कुछ बातें करके वो हमें रुला के चले गए,
हम न भूलेंगे यह एहसास दिला के चले गए,
आयेंगे कब वो अब तो यह देखना है उम्र भर,
बुझ रही है आग जिसे वो जला कर चले गए।

भले ही राह चलतों का दामन थाम ले,
मगर मेरे प्यार को भी तू पहचान ले,
कितना इंतज़ार किया है तेरे इश्क़ में,
ज़रा यह दिल की बेताबी तू भी जान ले।

जीने की ख्वाइश में हर रोज़ मरते हैं,
वो आये न आये हम इंतज़ार करते हैं,
जूठा ही सही मेरे यार का वादा,
हम सच मानकर ऐतबार करते हैं।

तड़प कर देखो किसी की चाहत में,
पता चलेगा इंतज़ार क्या होता है,
यूँ ही मिल जाता बिना कोई तड़पे तो,
कैसे पता चलता कि प्यार क्या होता है।

हमने ये शाम चिरागों से सजा रखी है,
आपके इंतजार में पलके बिछा रखी हैं,
हवा टकरा रही है शमा से बार-बार,
और हमने शर्त इन हवाओं से लगा रखी है।

मोहब्बत का इम्तिहान आसान नही,
प्यार सिर्फ पाने का तो नाम नही,
मुद्दते बीत जाती है किसी के इंतज़ार में,
ये सिर्फ पल दो पल का काम नही।

आँखों को इंतज़ार का दे कर हुनर चला गया,
चाहा था एक शख़्स को जाने किधर चला गया,
दिन की वो महफिलें गईं रातों के रतजगे गए,
कोई समेट कर मेरे शाम-ओ-सहर चला गया।

सोचा ही नहीं था जिंदगी में ऐसे भी फसाने होंगे,
रोना भी जरुरी होगा आँसू भी छुपाने होंगे।

इन्तजार की आरजू अब खो गई हैं,
अगर है तो एक मोहब्बत जो इन तन्हाइयों से हो गई हैं।

तेरे इंतज़ार में पलके बिछाये बैठे हैं,
वो आएंगे इसलिए उम्मीद जगाये बैठे है,
ना तोड़ना कभी मिलने का वादा मुझसे,
की हम अब तो अपनी जान की बाजी लगा बैठे हैं।

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