Dropshipping Business क्या है? ड्रॉपशिपिंग बिजनेस कैसे शुरू करें

Dropshipping Business Model In Hindi :- हेलो दोस्तों, Infowala.co.in में आपका स्वागत है! अभी के समय में Internet और Technology जितनी तेजी से आगे बढ़ रहा है उतनी ही तेज़ी से E-commerce मार्केट भी बढ़ रहा है और आज के समय में गावँ से लेकर शहर तक चाहे वो आम लोग हो या कोई खाश लोग, अगर उसको सामान Buy करनी होती है।

तो लोग सबसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जैसे कि Amazon या Flipkart जैसी E-commerce साइट पर देखता है। अगर उसको वो प्रोडक्ट वहां मिल जाता है तो 99% chance रहता है वही से खरदने का। और प्रोडक्ट आर्डर करने के बाद बिना टेंशन लिए उसका सामान उसके घर तक पहुंच जाता है।

Flipkart या Amazon जैसे eCommerce साइट से बहुत सारे रिटेल Seller या होलसेल प्रोडक्ट बेचना वाला जुड़ा होता है। बस इस रिटेल Seller या होलसेल प्रोडक्ट बेचने वाले को अपना प्रोडक्ट E-Commerce साइट लिस्ट करना पड़ता है। अगर कोई user/Customer उसके लिस्ट किये सामान को खरीदता है। तो Flipkart या Amazon उस सेलर को एक नोटिफिकेशन send करता है। फिर सेलर उस प्रोडक्ट को ई-कॉमर्स कंपनी की Delivery System के अनुसार product को customer तक पहुंचवाता है।

लेकिन E-Commerce बिज़नेस से मिलता जुलता है एक बिज़नेस है जिसमे सेलर को कोई प्रोडक्ट खरीदने का जरुरी नहीं पड़ता है और ना ही बड़ी Invest करने की जरुरत पड़ती है। इसमें बस सेलर को ऑनलाइन स्टोर बनाकर आर्डर लेने की लेना होता है, उसके बाद प्रोडक्ट का पैकिंग से लेकर डिलीवरी तक मतलब सप्लायर का जिम्मेदारी होती है यानी जिस सप्लायर का प्रोडक्ट सेल करवाई जा रही है।

तो चलिए आगे देखते है Dropshipping business model के बारे में। ड्रॉपशिपिंग क्या है (What is dropshipping in hindi), ड्रॉपशिपिंग बिज़नस मॉडल कैसे काम करता है?, ड्रॉपशिपिंग बिज़नस करके पैसे कैसे कमाएं, Dropshipping कितना लाभ हो सकता है?, Dropshipping Business कैसे शुरू करे?, dropshipping meaning आपको इस पोस्ट में इससे भी ज्यादा जानने को मिलेगा तो आपसे अनुग्रह है की पुरे पोस्ट ध्यान से पढ़िए।

ड्रॉपशिपिंग क्या है? (Dropshipping kya hai?)

ड्रॉपशिपिंग एक ऑनलाइन E-Commerce बिज़नेस मॉडल है ड्रॉपशिपिंग बिज़नेस करने के लिए एक Online store बनाकर प्रोडक्ट को ऑनलाइन बेचते है। ड्रॉपशिपिंग बिज़नेस में आपको प्रोडक्ट्स को फिजिकली खरीदने की या कोई बहुत बड़ी इन्वेस्ट नहीं करनी पड़ती है। ड्रॉपशिपिंग बिज़नेस एक Third party प्रोडक्ट सेलिंग बिज़नेस मॉडल है।

इसमें आपको प्रोडक्ट की Inventory, Packaging और Delivery की कोई चिंता नहीं लेनी पड़ती है। क्योकि इस बिज़नेस में प्रोडक्ट Inventory, Packaging से लेकर Delivery करने तक का प्रोसेस सप्लायर का होता है यानी सप्लायर का काम उस प्रोडक्ट को कस्टमर तक भेजना।

इस बिज़नेस का सबसे अच्छी बात ये है की सेलर को बड़ी इन्वेस्ट नहीं करनी पड़ती बिज़नेस करने के लिए और सप्लायर को कोई आर्डर लेने या ऑनलाइन कस्टमर मैनेज करने के लिए झंझट नहीं रहता है। और सबसे बड़ी बात ये की किसी प्रोडक्ट का price सेलर अपने हिसाब से रख सकता है।

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Dropshipping Business कैसे काम करता है?

Dropshipping Business में मुख्या रूप से तीन पार्टी शामिल होता है पहला जिसका Online स्टोर होता है जहाँ सारे प्रोडक्ट को select करके लिस्ट करता है और दूसरा जिसका प्रोडक्ट होता है जो Online स्टोर वाले को अपना प्रोडक्ट लिस्ट करने का परमिशन देता है। और तीसरा जो इस प्रोडक्ट को इस ऑनलाइन स्टोर से buy करता है। तो चलाइये इसको थोड़ा और details से जानते है।

ये पुरे system काम कैसे करता है तो चलिए आपको ये भी बता देता हूँ मान लो! यदि आप Dropshipping Business शुरुआत करते हो तो आपको अपनी एक online स्टोर बनाना है ऑनलाइन स्टोर बनाने के लिए आप Shopify, Woocommerce और custom साइट बनवा सकते है। जिससे की आप प्रोडक्ट की लिस्ट कर सके।

अगर आप ऑनलाइन स्टोर बना लिए है तो अब आपको सप्लायर से बात करके उसके प्रोडक्ट को अपने वेबसाइट पर अपने हिसाब से price tag के साथ ऑनलाइन स्टोर पर लिस्ट कर लेना है। अब आपके Online Store पर जब कोई कस्टमर order place करता है तो आपका एक प्रोडक्ट सेल हो जाता है। बस आपको कस्टमर तक आर्डर पहुंचने के लिए सप्लायर को कस्टमर का Address और Ordered Product की पुरे डिटेल्स देना है जिससे की सप्लायर उस Ordered Product को कस्टमर तक पंहुचा सके।

अगर प्रॉफिट की बात किया जाए तो, यदि आप कोई प्रोडक्ट Direct मैन्युफैक्चरर या होलसेलर से लेते है फिर उसको sell करवाते है तो इसमें आपको ज्यादा प्रॉफिट होगा। क्योकि आपके और मैन्युफैक्चरर या होलसेलर के बिच में कोई तीसरा बंदा नहीं होता है इसको ही उदाहरण के साथ समझते है।

मान लो किसी प्रोडक्ट का मैन्युफैक्चरर या होलसेलर price 400 है और उसको आप अपने Online स्टोर पर Rs 700 रुपया लिखते हो। यदि वो प्रोडक्ट सेल हुआ तो आपका टोटल प्रॉफिट Rs 300 रुपया होगा। ये Rs 300 रुपया आपका Net Income नहीं हुआ है क्योकि इसमें ही आपको आपकी Online स्टोर की मार्केटिंग भी करनी पड़ती है और स्टोर मेन्टेन करने के लिए खर्चा भी करना पड़ता है।

दोस्तों Dropshipping Business Selling Model में आपको प्रोडक्ट सेल करने की रुपया मिलता है। उसके बाद की पुरे जिम्मेदारी सप्लायर की होती है। और रही बात पेमेंट लेन देन की तो ये डिपेंड करता है की आपके और सप्लायर के बिच में कैसे बात हुयी है और क्या बात हुयी है और आपके और सप्लायर के बिच में पालिसी क्या बानी है।

दोस्तों कुछ Dropshipping Business में ऐसा भी होता है की सिर्फ प्रोडक्ट आपके ऑनलाइन स्टोर पर list होती है और जब कोई कस्टमर उस प्रोडक्ट को buy करता है तो सारी इनफार्मेशन डायरेक्ट सप्लायर के पास जाता है। फिर supplier प्रोडक्ट को कस्टमर तक पहुँचाता है फिर प्रोडक्ट की मार्जिन प्रॉफिट सप्लायर के द्वारा आपको दिया जाता है।

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Dropshipping Business kaise shuru kare?

how to start dropshipping business in india :- Dropshipping Business करने के लिए आपको कुछ बातो को ध्यान रखना होगा जो कुछ इस प्रकार है – Products का सही चुनाव करे, Competitor Analysis, Build a Dropshipping Business Store, Find a Supplier, Marketing Your Dropshipping Store चलिए अब इसको एक एक करके समझते है।

1. Products का सही चुनाव करे :- आपको हमेशा ज्याद बिकने वाले प्रोडक्ट पर ध्यान देना होगा जिसमे प्रॉफिट भी अच्छी हो इसके लिए आपको थोड़ा बहुत Research भी पड़ेगा। आपको Trending Products को खोजना है जिसमे यदि प्रॉफिट भी काम है तो आप अच्छी खासी कमाई कर सकते है।

Product Research करने के लिए आप इस सब tool/website का इस्तेमाल कर सकते है।

  • आप Google Trend का इस्तेमाल करके भी प्रोडक्ट के बारे में रिसर्च कर सकते है की कौनसी प्रोडक्ट की मार्किट में कितना डिमांड है हाँ आपको Goolge trend में ग्राफ के हिसाब से डाटा देखने को मिलेगा की प्रोडक्ट की डिमांड बढ़ रही है कम हो रही है।
  • प्रोडक्ट की Search Volume और keyword ( मतलब कस्टमर प्रोडक्ट को किस नाम से सर्च कर रहा है या प्रोडक्ट के बारे में क्या क्या सर्च कर रहा है।) जानने के लिए आप Ubersuggest और ahref का भी इस्तेमाल कर सकते है।
  • और प्रोडक्ट की आईडिया लेने के लिए आप किसी Dropshipping Stores को देख सकते है और प्रोडक्ट की आर्डर volume जानने के लिए Oberlo का इस्तेमाल कर सकते है।

2. Competitor Analysis :- अगर आप सही प्रोडक्ट को चुन लेते है तो अब आपको अपने Competitor के बारे में Analysis करना हैं की उसका Marketing strategy क्या क्या है और वो किस किस तरह के प्रोडक्ट को सेल करता है Competitor के बारे में Analysis करने के लिए आपको कुछ टूल के बारे में बता देता हूँ जो निचे है-

  • सबसे पहले आपको google में प्रोडक्ट का नाम लिख कर सर्च करना है और top 10 आये result को सही से चेक करना है जैसे की product का title और description.
  • अब आपके सामने जो 10 साइट आया है उसके बारे में आप Ahref, Ubersuggest या Semrush जैसे साइट द्वारा Research करना है।
  • Dropshipping Business को आगे बढ़ने के लिए आपको Competitors के social media को भी चेक करना है की उसका post या story कैसे रहता है। जिससे की आप सही से plan बना सके प्रोडक्ट को sell करने के लिए।

3. Build a Dropshipping Business Store :- अब आपको एक वेबसाइट की जरुरत होगी प्रोडक्ट को list करने के लिए तो आप थोड़ा बहुत खर्चा करके बनवा सकते है। या आप अपने इस पोस्ट को पढ़ कर बना सकते है free में Website कैसे बनाये, यदि आपके पास कम समय रहता है तो Ecitysoft के developer से कांटेक्ट करके भी बनवा सकते है।

आपको वेबसाइट बनाने के लिए कुछ चीजों की जरुरी होगी जो कुछ इस प्रकार से है-

  • Domain Name :- यदि आप बिज़नेस करने के लिए नाम सोच लिए है तो अब आपको उसी नाम से एक domain खरीदना है आप domain नाम को Godaddy जैसी वेबसाइट से खरीद सकते है।
  • Hosting :- यदि आप डोमेन नाम खरीद लिए है तो अब आपको एक server यानि Hosting खरीदना है जहाँ आपके वेबसाइट का सारा डाटा स्टोर रहे।
  • अगर आप Hosting में रुपया नहीं invest करना चाहते है तो किसी दूसरे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर सकते है। बहुत से ऐसे प्लेटफॉर्म है जो आपको साइट बनाने के आजादी देती है लेकिन अपने sudomain पर, तो किसी साइट के subdomain पर भी साइट बनवा सकते है।

4. Find a Supplier :- दोस्तों या तो पहले भी आप Supplier खोज सकते है फिर वेबसाइट बना सकते है। अब आपको आपके प्रोडक्ट के Research के हिसाब से अच्छा सप्लायर खोजना है जिससे आपको बेनिफिट अच्छा हो और प्रोडक्ट को समय से कस्टमर तक पंहुचा दे। और समय पर आपके call या email का response दे।

5. Marketing Your Dropshipping Store :- यदि आपका Competitor Analysis, Product और online store बन कर तैयार है तो अब आपको इसके लिए मार्केटिंग करने की जरुरत है। मार्केटिंग करने के लिए निचे दिए प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर सकते है।

  • Google Ads :- ये तो आप जानते ही है गूगल दुनिया का नंबर एक सर्च इंजन है तो आपके प्रोडक्ट की मार्केटिंग के लिए सही होगा क्योकि Google Ads Conversion देने के मामले में सबसे आगे है और हाँ Google Ads का इस्तेमाल करना दूसरे प्लेटफॉर्म के तुलना में थोड़ा महंगा पड़ सकता है।
  • Facebook Advertising :- दोस्तों Facebook ads प्लेटफॉर्म का भी आप अपने प्रोडक्ट के लिए इस्तेमाल कर सकते है इसमें पहला बार थोड़ी ख़राब experiance हो सकती है लेकिन आपको पहली बार सिखने के purpose से ही उपयोग करना है। लेकिन धीरे धीरे आपको फेसबुक से भी अच्छी खासी Conversion मिलना शुरू हो जायेगा।

ड्रॉपशिपिंग के फायदे? (Advantages of Dropshipping?)

दोस्तों हर बिज़नेस में कुछ Advantages है तो कुछ Disadvantages है तो चलिए पहले इसके Advantages को देखते है-

  • इस बिज़नेस में सेलर को बहुत ज्यादा रुपया invest नहीं करना पड़ता है। इसमें आपको साइट बनवाने में इन्वेस्ट करना पड़ेगा।
  • इस बिज़नेस में आप अपने इच्छानुसार या रिसर्च के अनुसार प्रोडक्ट को लिस्ट कर सकते है। जिससे की प्रोडक्ट की selling ज्यादा हो और प्रॉफिट भी अच्छी खासी बन जाये।
  • इसमें सेलर को परेशानी भी ज्यादा नहीं लेनी पड़ती है जैसे की – inventory management, stock management, product shipping इत्यादि कामों की जिम्मेदारी supplier की होती है।
  • Dropshipping बिज़नेस को अकेले भी कर सकते है। क्योकि इसमें आपको physical काम नहीं के बराबर रहती है।
  • इसमें seller को सिर्फ मार्केटिंग या product research पर फोकस करने की जरुरत होती है।
  • इस बिज़नेस को करने के लिए स्टोर Shopify, Woocommerce जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके ऑनलाइन स्टोर बना सकते है।
  • और सबसे अच्छी बात ये है की Dropshipping बिज़नेस को आप किसी भी लोकेशन से कर सकते है बस आपको लैपटॉप और इंटरनेट की जरुरत होगी।

ड्रॉपशिपिंग के नुकसान? (Disadvantages of Dropshipping?)

यदि आप इसके Advantages पढ़ लिए है तो अब इसके कुछ Disadvantages भी पढ़ लीजिये।

  • Dropshipping बिज़नेस में पूरा कण्ट्रोल सिर्फ seller के पास नहीं रहता है कुछ कण्ट्रोल सप्लायर के पास भी रहता है।
  • यदि supplier प्रोडक्ट को कस्टमर तक पहुंचाने में कोई प्रॉब्लम करता है तो online store की रेपोटेशन ख़राब होता है।
  • यदि profit के तुलना में marketing पर ज्यादा रुपया खर्चा होता है तो benifit नहीं के बराबर होता है। वैसे भी कोई बिज़नेस शुरुआत दौर में चलैंगिंग भरा रहता है।

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Conclusion

दोस्तों हमें उम्मीद है की आपको हमारे ये पोस्ट Dropshipping Business kya hai? (ड्रॉपशिपिंग क्या है?) पसंद आयी होगी और Dropshipping business के बारे में बहुत कुछ सिखने को मिला होगा। यदि ये पोस्ट आपको पसंद आयी है तो इसको अपने दोस्त या फॅमिली के साथ जरूर शेयर कीजिये।

अगर आपको इस पोस्ट Dropshipping Business Model In Hindi के रिलेटेड कोई प्रश्न या सुझाव है तो हमसे कमेंट बॉक्स में बता सकते है आपको सबको मदद करने में हमें बहुत ख़ुशी होगी। और यदि ये पोस्ट आपको अच्छी लगी है तो आप अपना फीडबैक कमेंट करके बता सकते है। धन्यवाद!

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