डेब्ट म्यूच्यूअल फण्ड क्या है | What is Debt Mutual Fund

नमस्कार दोस्तों, अधिकांश निवेशकों में डेब्ट म्यूच्यूअल फंड्स को लेकर मन में काफी दुविधा बना रहता हैं कि Debt Mutual Fund क्या हैं? यदि आपके मन में भी डेब्ट म्यूच्यूअल फंड्स को लेकर किसी प्रकार के संदेह और सवाल हैं, तो आपके लिए हमारी यह पोस्ट What is Debt Mutual Fund in Hindi बहुत ही उपयोगी होने वाला हैं।

दोस्तों आज के इस पोस्ट में बात करेंगे म्यूच्यूअल फण्ड क्या हैं? डेब्ट फंड, म्यूच्यूअल फंड्स में निवेश करने का एक बेहतरीन उपाय हैं, वैसे तो म्यूच्यूअल फण्ड में निवेशकों बहुत कम जोखिम का सामना करना परता हैं, लेकिन यदि आप निवेश के पूंजी पर इससे भी कम जोखिम या न के बराबर जोखिम उठाना चाहते हैं, तो आप Debt Funds के माध्यम से म्यूच्यूअल फंड्स में निवेश कर सकते हैं।

सरल भाषा में समझे तो डेब्ट फंड के द्वारा निवेश किये गए पूंजी पर सिमित मुनाफा, बिल्कुल कम जोखिम और अधिक सुरक्षा रहता हैं। डेब्ट फंड उनलोगों के लिए सबसे ज्यादा उपयुक्त हैं, जो अपने नियमित आय के एक निश्चित धनराशि को निवेश करना चाहता हैं और किसी प्रकार का रिस्क भी नहीं लेना चाहता हैं।

तो चलिए दोस्तों शुरू करते हैं, डेब्ट म्यूच्यूअल फण्ड क्या हैं? (What is Debt Mutual Fund in Hindi) के बारे में विस्तार से जानकारी:-

डेब्ट म्यूच्यूअल फण्ड क्या होता हैं? ( What is Debt Mutual Fund)

Debt Mutual Fund

Debt Fund म्यूच्यूअल फंड्स के किसी भी स्कीम में निवेश करने वाला यंत्र है। डेब्ट फण्ड के द्वारा निवेश किये गए पूंजी पर एक निश्चित ब्याज दर निर्धारित किया जाता है। डेब्ट फण्ड के द्वारा निवेश किये गए पूंजी पर बहुत ही कम जोखिम है। कभी भी डेब्ट म्यूच्यूअल फण्ड में लम्बे समय के लिए निवेश करें।

डेब्ट म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश किये गए पूंजी का अधिकांश भाग उपकरणों में, ट्रेजरी बिल, कॉर्पोरेट बॉन्ड, कमर्शियल पेपर और सरकारी सिक्योरिटीज, इत्यादि में निवेश करता है। अगर आप कम कमाई कर रहें है, और भविष्य के लिए निवेश करना चाहते है, तो आपके लिए डेब्ट म्यूच्यूअल फण्ड बहुत उपयुक्त है।

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डेब्ट म्यूच्यूअल फंड्स के फायदे ( Benifits Of Debt Mutual Fund)

अब सवाल उठा है, कि डेब्ट म्यूच्यूअल फंड्स में निवेश करने के क्या-क्या फायदें है। हमें कीड़ी भी फंड्स में निवेश करने से उसे अच्छी तरह समझ कर उसकी फायदे के बारे में निर्णय लेना चाहिए। तो आइयें दोस्तों डेब्ट के म्यूच्यूअल फंड्स से फायदे को देखते है:-

Diversification in Investment (निवेश में विविधता) :- डेब्ट म्यूच्यूअल फंड्स निवेशकों को अलग-अलग कम से कम निवेश करने का मौका देता है। यदि निवेशक चाहें तो ₹ 100 से भी निवेश शुरू कर सकते है। डेब्ट म्यूच्यूअल फंड्स में निवेशक अपने सुविधानुसार निवेश कि समय अवधि तैयार कर सकते है। (जैसे :- प्रतिदिन, मासिक, तिमाही, छमाही, वार्षिक, इत्यादि)

Low Taxes (आयकर में छूट) :- यदि कोई भी निवेशक डेब्ट म्यूच्यूअल फंड्स निवेशक लगातार तीन वर्षों तक निवेश करता है, और उसके बाद वो अपनी जमा पूंजी निकलने चाहे तो उसे आयकर टैक्स में काफी छूट मिलती है। वहीँ अगर आप लम्बे समाय तक निवेश कर रहें, तो आपको एक प्रतिशत से भी कम टैक्स लग सकता है।

Transparency (पारदर्शी व्यवस्था) :- डेब्ट म्यूच्यूअल फंड्स के सबसे बात यह की पारदर्शिता व्यवस्था है। डेब्ट म्यूच्यूअल फंड्स के रेगुलेटेड अथॉरिटी सेबी के पास रहता है, जो इसके संचालन पर बारीकी से निगाह रखता है, और समय-समय NAV और पोर्टफोलियो रिपोर्ट प्रकाशित करने का निर्देश देता है। जिससे इसकी पारदर्शिता बनी रहती है।

  • NAV Full Form :- Securities and Exchange Board of India
  • SEBI Full Form :- Net Asset Value

Liquidity (तरलता) :- डेब्ट म्यूच्यूअल फंड्स का एक लाभ यह भी है, कि इसके निवेश में तरलता होती है। यदि आपका फण्ड ओपन एंडेड है, तो आप जब चाहें अपने निवेश के तीन दिन के भीतर जमा पूंजी प्राप्त कर सकते है।

Easy to Invest (आसान तरीके से निवेश) :- डेब्ट म्यूच्यूअल फंड्स में कोई भी व्यक्ति आसानी और सरलता से निवेश कर सकते है। डेब्ट म्यूच्यूअल फंड्स में ऑनलाइन, बैंक, म्यूच्यूअल फंड्स हाउसेज, वित्तीय सलाहकार या फिर डिस्ट्रीब्यूटर के माध्यम से निवेश कर सकते है।

Fund Manager’s Advise :- डेब्ट म्यूच्यूअल फंड्स फंड्स मैनेजर एडवाइज़र कि सुवुधा देता हैं, जिसकी मदद से निवेश करने में काफी मदद मिलता है।

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डेब्ट म्यूच्यूअल फंड्स कितने प्रकार के होते है (Types of Debt Funds)

वैसे तो डेब्ट म्यूच्यूअल फंड्स को कई वर्गों और भागों में बांटा गया है, लेकिन आज के इस पोस्ट में डेब्ट म्यूच्यूअल फंड्स के कुछ महत्पूर्ण भागों पर बात करेंगे:-

Overnight Funds:- ओवरनाइट फंड्स के अंतर्गत म्यूच्यूअल फंड्स में सबसे कम अवधि के लिए निवेश किया जाता है। ओवरनाइट फंड्स की अवधि मात्र एक दिन का होता है। यह फंड्स ऐसे सिक्योरिटी मे निवेश करता है जिसका परिपक्‍वता (Maturity) केवल एक दिन का होता है। यह एक प्रकार का ओपन एंडेड डेब्ट स्कीम है।

Liquid Funds :- लिक्विड्स फबड़स मुख्य रूप से मनी मार्केट और डेब्ट के अलग-अलग स्कीम में निवेश करती है। इस तरह के फंड्स में ज्यादे Liquidity के साथ अच्छा रिटर्न भी मिलने की ज्यादे उम्मीद रहती है। कोई भी निवेशक यदि शार्ट टर्म में निवेश करना चाहता है, तो Liquid Funds में करें, इसकी अवधी 91 दिनों की होती है। यह एक प्रकार का ओपन एंडेड लिक्विड स्कीम है।

Ultra Short Duration Funds :- यह फंड्स निवेशकों के पूंजी को ज्यादतर मनी मार्केट और डेब्ट फंड्स के इंस्ट्रूमेंट्स, ट्रेज़री बिल्स, कमर्शियल पेपर, इत्यादि में  निवेश करते है। इस फंड्स की अवधी 3-6 महीने तक होता है। Ultra Short Duration Funds में निवेशक को लगभग 8% तक रिटर्न मिलने की उम्मीद रहती है।

Low Duration Funds :- यह फंड्स निवेशकों के पूंजी को ज्यादतर मनी मार्केट और डेब्ट फंड्स के उन इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करती है, जिसकी अवधी 6-12 महीने तक का हो। यह एक Open Ended Low Duration Debt Scheme है। इस प्रकार के फंड्स शार्ट टर्म्स इन्वेस्टर्स के उपयुक्त है।

Money Market Funds :- इस फंड्स में निवेशक एक वर्ष तक के लिए निवेश कर सकता है।

Short Duration Funds :- इस फंड्स में निवेशक 1-3 वर्ष तक के लिए इन्वेस्ट कर सकता है।

Medium Duration Funds :- इस फंड्स में निवेशक 3-4 वर्ष तक के लिए इन्वेस्ट कर सकता है।

Medium to Long Duration Funds :- इस फंड्स में निवेशक 4-7 वर्ष तक के लिए इन्वेस्ट कर सकता है।

Long Duration Funds :- इस फंड्स में निवेशक 7 वर्ष से अधिक समय लिए इन्वेस्ट कर सकता है।

Dynamic Bond Funds :- इस फंड्स में निवेशक अपने सुविधा अनुसार अलग-अलग अवधी के लिए निवेश कर सकते है। इस फंड्स के पोर्टफोलियो के मैनेजर समय-समय पर बदलते रहते है। मैनेजर मार्केट की स्थिति को देखकर पोर्टफोलियो में बदलाव करते रहते है। यह फंड्स लॉन्ग टर्म्स और शॉर्ट्स टर्म्स निवेश करने का ऑप्शन देता है।

Corporate Bond Funds :- यह फंड्स एक Open Ended Debt Scheme है, इसकी टोटल असेस्ट्स के 80% भाग हाई रेटेड कॉर्पोरेट बॉन्ड में निवेश करती है। यदि निवेश हाई रिटर्न प्राप्त करना चाहता है, तो कॉर्पोरेट बॉन्ड में निवेश कर सकते है।

Credit Risk Funds :- इस प्रकार के फंड्स में टोटल असेस्ट्स के 65% भाग आपको हाई रेटेड से कम (Middle Rated) कॉर्पोरेट बॉन्ड में निवेश करना होता है। यह फंड्स एक Open Ended Debt Scheme Funds है। इस प्रकार के फंड्स अधिक क्रेडिट जोखिम लेकर हाई रेटेड से कम (Middle Rated) कॉर्पोरेट बॉन्ड में निवेश करके उच्च रिटर्न देने का क्षमता रखता है।

Banking & PSU Funds :- इस फंड्स में निवेश किये गए पूंजी का 80% भाग बैंक, पब्लिक सेक्टर अंडर टेकिंग, फाइनेंसियल इंस्टीटूशन मे इन्वेस्ट होता है। यह डेब्ट फंड्स के अंतर्गत अलग-अलग सेक्टरों में निवेश करती है।

  • PSU Full Form :- Public Sector Undertaking

Gilt Funds :- इस तरह के फंड्स अपने टोटल असेस्ट्स के 80% भाग सरकारी सिकियॉरिटीज़ में निवेश करते है। गिल्ट फंड्स में निवेश करने के बाद निवेशकों को किसी तरह का क्रेडिट रिस्क नहीं होता है, क्योंकी गवर्नमेंट खुद इसका जिम्मेदारी लेते है लेकिन इसमे रिटर्न का रिस्क होता है।

Conclusion – Debt Mutual Fund kya hai

दोस्तों आज के इस पोस्ट Debt Mutual Fund क्या हैं? (What is Debt Mutual Fund) के बारे में विस्तार से चर्चा किये है। उम्मीद करता हूँ की आपको हमारी इस पोस्ट डेब्ट फण्ड क्या हैं? (Debt Fund Kya Hai) की जानकारी पसंद आई होगी।

यदि आप लोगों को हमारी यह पोस्ट डेब्ट फण्ड क्या हैं? (What is Debt Mutual Fund in Hindi) पसंद आई है, तो इसे ज्यादे से ज्यादे शेयर करें, सभी लोग डेब्ट म्यूच्यूअल फंड्स (Debt Mutual Fund) की जानकारी प्राप्त कर सकें।

यदि आपको हमारी इस पोस्ट डेब्ट म्यूच्यूअल फंड्स (Debt Mutual Fund Kya Hai) से सम्बंम्धित कोई सवाल या सुझाव है, तो आप हमें कमेंट करके जरूर बातें। धन्यवाद्!!

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